Saturday, 16 July 2016

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नावलकार: बलराज सिंह सिद्धू



बलराज सिंह सिद्धू प्रवासी पंजाबी लेखकों में से सबसे अल्प आयु का एक स्थापित और कददावर नाम है। 16 मार्च 1976 को जगराऊँए जिला.लुधियाना में जन्में बलराज सिद्धू बचपन से ही इंग्लैंड के सीने में सिथति बर्मिंघम शहर में बसा हुआ है। उसने अपने श्रमए लगनए कला और विषयों की विलक्षणता के साथ पूरी दुनिया में अपने लिए विशाल पाठक वर्ग पैदा किया हुआ है। उसका शुमार इंग्लैंड के युवा और अधिक पढ़े जाने वाले लेखकों में होता है। पंजाबी साहित्य के क्षेत्र में बहुत सारे विषय ऐसे हैंए जिन पर सर्वप्रथम कलम आजमार्इ सिफऱ् बलराज सिद्धू ने ही की है। उसको प्रकिति द्वारा यह वर प्राप्त है कि वह जब अपने हुनर और कला द्वारा नवीन दृषिटकोण से बेबाकी के साथ कोइ बात लिखता है तो पुराने कलमकारों द्वारा बनाइ सारी धारणायें रदद करके पाठकों के मनों में एक नया बिंब उभार देता है। बलराज सिद्धू कहानी लिखने के लिए जन्मा है या कहानी का आविष्कार बलराज सिद्धू के लेखन के लिए ही हुआ हैए इसका निर्णय करना कठिन है। उसकी पुस्तकों की बिक्री और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग मीडिया पर उसकी रचनाओं को मिलने वाले हुंकारे ने यह सिद्ध किया है कि शिव कुमार बटालवी ;पंजाबी कविद्ध के बाद नौजवान महिलायों द्वारा शिददत से यदि किसी पंजाबी साहित्यकार को पढ़ा जाता है तो वह बलराज सिंह सिद्धू है। बलराज सिद्धू शब्दों का ऐसा शिल्पकार है कि उसका जादू पाठक के सिर पर चढ़कर बोलता है और उसकी कोर्इ भी रचना पढ़ते समय बीच में छोड़ पाना असंभव हो जाती है। 

घरेलू नाम: राज
जन्म: 16 मार्च 1976, जगरावां, जिला-लुधियाना(पंजाब)
प्रारंभिक शिक्षा: शिवालिक बोर्डिंग स्कूल, चंडीगढ़़।
स्कूली शिक्षा: स्मैदिक हाल बॉयज़ हाई स्कूल, बर्मिंघम, यू.के.।
उच्च शिक्षा: रॉयली रिज़ीयश कालेज, शैडवैल कालेज एवं ऐस्टन यूनीवर्सिटी, यू.के.।
संप्रति: लेखन एवं पत्रकारिता।
नागरिकता: ब्रितानवी।

बलराज सिंह सिद्धू की अन्य पुस्तकें:
1 अणलग्ग(कहानी संग्रह)-1999
2 तप(उपन्यास)-2000
3 नंगियाँ अक्खियाँ(कहानी संग्रह)-2002
4 वस्त्र(उपन्यास)-2002
5 मोरां दा महाराजा(ऐतिहासिक कहानी संग्रह-पंजाबी में)-2014
6 मोरां का महाराजा(ऐतिहासिक कहानी संग्रह-हिंदी में)-2014
7 अग्ग दी लाट: प्रिंसैस डायना(उपन्यास पंजाबी में)-2015
जुगनी (निबंध संग्रह) 2016
9 शहीद(उपन्यास पंजाबी में)-2016

पंजाबी से अंग्रेजी में अनुवाद:
कबड्डी - ए नेटिव गेम ऑफ पंजाब- 2003

हिन्दी में शीघ्र प्रकाश्य पुस्तकें:
राजकुमारी डायना: दिलों की रानी की प्रेम कहानी (उपन्यास)
मस्तानी (उपन्यास)
शहीद (उपन्यास)
वस्त्र(उपन्यास)

बलराज सिंह सिद्धू के लिखे गीतों को आवाज़ देने वाले
गायिकों की सूची:

अंग्रेज अली(नचदी दे मितरां ने नाल नचणा और उधम सिंह धोखा)
सुदेश कुमारी, निर्मल सिद्धू, मंगी माहल, हरदेव माहीनंगल, माशा अली, राशी रागा, 
मंजीत रूपोवालिया, जसविंदर जस्सी, बख्शी बिल्ला, बलविंदर मत्तेवाडि़या, 
संजय धालीवाल, रणबीर राणा, रमेश आलम, मनजीत गिल, मनी कमल, गुरमेज मेली,
गुरजीत मल्ली, नूरां लाल, मनिंदर बावा, कलविंदर किंदा, मीनू सिंह।

अन्य  
लंबी कहानी ‘कूकर’ का अनुवाद हिन्दी की साहित्यिक पत्रिका ‘मंतव्य’ के ‘लंबी कहानी अंक’ (जून 2016)
310 लेख प्रकाशित और 50 गीत रिकार्ड हुए।
Contact: 0044 7713038541 (Whatsapp, Tango, Vibre, Line)

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अनुवादक:  सुभाष नीरव

हिन्दी के सुपरिचित कथाकार, कवि एवं अनुवादक।

प्रकाशित कृतियाँ : चार कहानी संग्रह हिंदी में (‘दैत्य तथा अन्य कहानियाँ’, ‘औरत होने का गुनाह’, ‘आख़िरी पड़ाव का दु:ख’ और ‘रंग बदलता मौसम’), एक कहानी संग्रह पंजाबी में – ‘सुभाष नीरव दीआं चौणवियां कहाणियाँ’। दो कविता संग्रह (‘यत्किंचित’ व ‘रोशनी की लकीर’), दो लघुकथा संग्रह (‘कथा बिन्दु’ व ‘सफ़र में आदमी’), दो बाल कहानी संग्रह(‘मेहनत की रोटी’ और ‘सुनो कहानी राजा’)। पंजाबी से 600 कहानियाँ और 40 साहित्यिक पुस्तकों (कहानी, उपन्यास, आत्मकथा और लघुकथा) का हिंदी में अनुवाद प्रकाशित जिनमें आठ पुस्तकें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत से प्रकाशित। ‘मेहनत की रोटी’(बाल कहानी), ‘कमरा’(लघुकथा) तथा ‘आख़िरी पड़ाव का दु:ख’(कहानी) प्राइमरी एव स्नातक स्तरीय विभिन्नपाठ्यक्रमों में शामिल।
ब्लॉग्स : साहित्य और अनुवाद से संबंधित अंतर्जाल पर ब्लॉग्स- ‘सेतु साहित्य’, ‘कथा पंजाब’, ‘सृजन यात्रा’, ‘गवाक्ष’ और ‘वाटिका’।
सम्मान : ''माता शरबती देवी स्मृति पुरस्कार 1992'', ''मंच पुरस्कार, 2000'', ''श्री बलदेव कौशिक स्मृति सम्मान-2013'', ‘रंग बदलता मौसम’ कहानी के लिए राजस्थान पत्रिका द्वारा ‘सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार, 2011’ तथा अनुवाद के लिए ‘विशेष सम्मान-2015’ से सम्मानित।
फोन : 09810534373 / 08447252120

ई मेल subhashneerav@gmail.com